विचार
संपादकीय: लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है संवाद
राजनीतिक संवाद और सहमति लोकतंत्र की आत्मा है। आज के दौर में इसकी प्रासंगिकता और बढ़ गई है।
संपादक
28 जून 2026

लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है उसमें मौजूद संवाद की परंपरा। जब विभिन्न विचारधाराओं के लोग एक मंच पर बैठकर बात करते हैं, तभी समाज आगे बढ़ता है।
आज के दौर में जब राजनीतिक धुव्रीकरण बढ़ रहा है, संवाद और सहमति की संस्कृति को मजबूत करना और भी जरूरी हो गया है। मीडिया, संसद और जनता तीनों स्तरों पर खुली चर्चा होनी चाहिए।